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Tuesday, 20 February 2018

चिड़िया रानी, किधर चली

01:28 0 Comments

चिड़िया रानी
चिड़िया रानी,
किधर चली।

मुन्ने राजा
मुन्ने राजा,
कुंज-गली।

चिड़िया रानी,
चिड़िया रानी,
पर निकले।

मुन्ने राजा
मुन्ने राजा,
नीम के तले।

चिड़िया रानी
चिड़िया रानी,
टी टुट-टुट।

मुन्ने राजा 
मुन्ने राजा
चाय-बिस्कुट।

चिड़िया रानी
चिड़िया रानी,
टा-टा-टा।

मुन्ने राजा
मुन्ने राजा,
सैर-सपाटा।

-साभार: साप्ताहिक हिन्दुस्तान, 9 जून, 1974

लेखक -कन्हैयालाल मत्त

चाँद का सफर

01:26 0 Comments

चूहे राजा चले चाँद पर,
लेकर रॉकेट एक।
मक्खन के डब्बे, बिस्कुट के,
पैकेट लिए अनेक।
बोतल भूल गए पानी की,
हुआ बड़ा अफसोस।
चाँद वहाँ से बहुत दूर था,
धरती थी दो कोस।
रॉकेट की खिड़की से फौरन
मारी एक छलाँग।
मक्खन-बिस्कुट छोड़-छाड़कर
नीचे गिरे धड़ाम।।

लेखक -कन्हैयालाल मत्त